
DRS in Cricket: क्रिकेट में DRS कैसे काम करता है
क्रिकेट मैच देखते समय आपने अक्सर देखा होगा कि कोई खिलाड़ी हाथ से “T” का इशारा करता है और फैसला तीसरे अंपायर के पास चला जाता है — यही है DRS। DRS in Cricket यानी Decision Review System एक टेक्नोलॉजी-आधारित प्रणाली है, जो अंपायर के फैसलों में होने वाली गलतियों को कम करने के लिए बनाई गई है। इसमें बॉल ट्रैकिंग, UltraEdge और Hot Spot जैसी तकनीकें इस्तेमाल होती हैं। इस लेख में आसान भाषा में समझिए क्रिकेट में DRS कैसे काम करता है।
संक्षेप में: DRS in Cricket
DRS (Decision Review System) एक तकनीक-आधारित रिव्यू सिस्टम है जिससे टीमें अंपायर के फैसले को चुनौती दे सकती हैं। खिलाड़ी 15 सेकंड के भीतर “T” का इशारा कर रिव्यू मांगता है, फिर तीसरा अंपायर Ball Tracking (Hawk-Eye), UltraEdge/Snicko और Hot Spot की मदद से फैसला करता है। LBW में “Umpire’s Call” अहम होता है, और हर टीम को पारी में सीमित रिव्यू मिलते हैं।
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DRS क्या है?
DRS यानी Decision Review System एक ऐसी प्रणाली है, जिसके जरिए बल्लेबाजी या गेंदबाजी टीम मैदानी अंपायर के फैसले से असहमत होने पर उसे रिव्यू (पुनर्विचार) के लिए तीसरे अंपायर के पास भेज सकती है। इसका मकसद है साफ-साफ गलत फैसलों को सुधारना, ताकि मैच निष्पक्ष रहे।
DRS कैसे लिया जाता है?
जब मैदानी अंपायर का फैसला किसी टीम को गलत लगता है, तो बल्लेबाज (आउट दिए जाने पर) या फील्डिंग कप्तान (आउट न दिए जाने पर) दोनों हाथों से “T” का इशारा करता है। यह इशारा फैसले के तय समय (आमतौर पर 15 सेकंड) के भीतर करना होता है। इसके बाद मामला तीसरे अंपायर के पास चला जाता है।
DRS की मुख्य Technology
- Ball Tracking (Hawk-Eye): गेंद के रास्ते को ट्रैक कर बताती है कि गेंद स्टंप पर लगती या नहीं — खासकर LBW में।
- UltraEdge / Snickometer: ध्वनि तरंगों से पता लगाती है कि गेंद बल्ले या पैड से लगी या नहीं।
- Hot Spot: इन्फ्रारेड कैमरे से दिखाता है कि गेंद बल्ले/पैड से कहां टकराई।
LBW में DRS और “Umpire’s Call”
LBW रिव्यू में तीन चीजें देखी जाती हैं — गेंद कहां पिच हुई (pitching), गेंद ने पैड पर कहां इम्पैक्ट किया (impact), और गेंद स्टंप पर लगती या नहीं (wickets)। अगर बॉल ट्रैकिंग के अनुसार नतीजा बहुत करीबी होता है, तो “Umpire’s Call” लागू होता है — यानी मैदानी अंपायर का मूल फैसला बरकरार रहता है। इसी वजह से कई बार रिव्यू लेने के बाद भी फैसला नहीं बदलता।
कितने Reviews मिलते हैं?
हर टीम को एक पारी में सीमित संख्या में रिव्यू मिलते हैं (फॉर्मेट के अनुसार आमतौर पर 2 से 3)। अगर रिव्यू सफल होता है या नतीजा “Umpire’s Call” रहता है, तो आमतौर पर रिव्यू टीम के पास बचा रहता है; गलत साबित होने पर रिव्यू खत्म हो जाता है। सटीक नियम ICC की प्लेइंग कंडीशन्स के अनुसार समय-समय पर बदल सकते हैं। क्रिकेट के बड़े आंकड़े देखें: IPL 2026 Records।
DRS के फायदे और सीमाएं
DRS का सबसे बड़ा फायदा है साफ गलत फैसलों का सुधार, जिससे मैच ज्यादा निष्पक्ष बनता है। हालांकि “Umpire’s Call” और तकनीक की सीमाओं को लेकर कभी-कभी बहस भी होती है। फिर भी कुल मिलाकर DRS ने क्रिकेट को पहले से ज्यादा पारदर्शी बना दिया है।
निष्कर्ष
DRS in Cricket ने अंपायरिंग को तकनीक के सहारे और भरोसेमंद बना दिया है। अगली बार जब आप मैच देखें और कोई “T” का इशारा करे, तो आप समझ जाएंगे कि पर्दे के पीछे क्या-क्या होता है। आपको DRS का कौन-सा हिस्सा सबसे दिलचस्प लगता है? Comment में बताएं और यह जानकारी क्रिकेट फैन दोस्तों के साथ share करें।
DRS का फुल फॉर्म क्या है?
DRS का फुल फॉर्म Decision Review System है, जो अंपायर के फैसलों की समीक्षा के लिए इस्तेमाल होता है।
DRS कैसे लिया जाता है?
बल्लेबाज या फील्डिंग कप्तान फैसले के 15 सेकंड के भीतर दोनों हाथों से ‘T’ का इशारा करता है, जिसके बाद मामला तीसरे अंपायर के पास जाता है।
DRS में कौन-सी तकनीक इस्तेमाल होती है?
मुख्य रूप से Ball Tracking (Hawk-Eye), UltraEdge/Snickometer और Hot Spot का इस्तेमाल होता है।
Umpire’s Call क्या होता है?
जब बॉल ट्रैकिंग में नतीजा बहुत करीबी होता है, तो मैदानी अंपायर का मूल फैसला बरकरार रहता है — इसे Umpire’s Call कहते हैं।
हर टीम को कितने रिव्यू मिलते हैं?
हर टीम को पारी में सीमित रिव्यू (आमतौर पर 2-3, फॉर्मेट के अनुसार) मिलते हैं; सटीक नियम ICC की प्लेइंग कंडीशन्स पर निर्भर करते हैं।
FAQ: और सवाल
क्या DRS हर फैसले पर लिया जा सकता है?
मुख्य रूप से DRS आउट/नॉट-आउट जैसे फैसलों (LBW, कैच, एज आदि) पर लिया जाता है, हर तरह के फैसले पर नहीं।
क्या रिव्यू सफल होने पर रिव्यू बचता है?
हां, आमतौर पर सफल रिव्यू या Umpire’s Call पर टीम का रिव्यू बचा रहता है; गलत होने पर खत्म हो जाता है।
DRS का फैसला कौन करता है?
रिव्यू के बाद उपलब्ध तकनीक देखकर तीसरा अंपायर अंतिम फैसला करता है।
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निष्कर्ष (Conclusion)
DRS के सटीक और ताजा नियमों के लिए ICC की आधिकारिक प्लेइंग कंडीशन्स देखें।
